﻿"निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया,"
अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो
निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है
