﻿टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया!
न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया
"वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा,"
"और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली,"
उसकी गरदन में खजूर के रेसों की बटी हुई रस्सी पड़ी है
